ब्लू फ्लैग इन हिंदी

देश के दो समुद्र तटों को “ब्लू फ्लैग” प्रमाणन

भारत के तटीय और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा और संरक्षण के मामले में विश्व में मान्यता प्राप्त हो रही हैं । इसी सिलसिले में इस वर्ष तमिलनाडु के कोवलम और पुडुचेरी के ईडन समुद्र तट को “ब्लू फ्लैग” प्रमाणन दिया गया है ।

इसकी जानकारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी । उन्होंने कहा कि भारत को अब तक 10 ब्लू फ्लैग तटीय क्षेत्र मिल चुके हैं । जो निम्न है –

🔸शिवराजपुर (गुजरात )
🔸घोघला (दीव)
🔸कासरकोड और पदुबिद्री ( कर्नाटक )
🔸कप्पड़ ( केरल)
🔸रूशिकोंडा ( आंध्र प्रदेश )
🔸गोल्डन (उड़ीसा )
🔸राधानगर (अंडमान और निकोबार )
🔸कोवलम (तमिल नाडु )
🔸ईडन समुद्र तट (पुडुचेरी )

ब्लू फ्लैग ( Blue Flag) क्या होता है ?

ब्लू फ्लैग एफईई के स्वामित्व वाला एक ट्रेडमार्क है, जो एक गैर-लाभकारी गैर सरकारी संगठन है इसमें 60 देशों के 65 संगठन जुड़े हैं । समुंद्र तटों को मिलने वाला ब्लू फ्लैग इस बात का संकेत होता है कि इससे प्रमाणित बीच पर पर्यटन व पर्यावरण के लिए उच्चतम मानदंडों का पालन करते हुए परिस्थितिकी की गुणवत्ता व पर्यटकों की सुरक्षा की जा रही है ।

ब्लू फ्लैग कौन देता है ?

डेनमार्क का फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन (FEE) विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त इको लेबल ब्लू फ्लैग का प्रमाणन प्रदान करता है ।
ब्लू फ्लैग प्रमाण 33 मानदंडों के अनुपालन और नियमित निगरानी के आधार पर मिलता है ।

Foundation for Environmental Education (FEE)

🔸स्थापना – 1981
🔸मुख्यालय – कोपनहैगन, डेनमार्क

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