भावान्तर भरपाई योजना

बाजरा की फसल होगी हरियाणा की भावान्तर भरपाई योजना में शामिल

हरियाणा सरकार इस खरीफ सत्र को बाजरे को भावान्तर भरपाई योजना में शामिल करेगी । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जानकारी दी । उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य है ।

इससे पहले राज्य में बागवानी फसलों के लिए भी “भावान्तर भरपाई योजना” को भी लागू किया गया था । इस योजना में 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया है ।

“भावान्तर भरपाई योजना” क्या है ?

30 दिसंबर, 2017 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल जिले के गांगर गांव में “भावान्तर भरपाई योजना” का शुभारंभ किया । इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी में सब्जी व फल की कम कीमत के दौरान किसानों का निर्धारित संरक्षित मूल्य द्वारा जोखिम कम करना और कृषि में विविधीकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है ।

प्रथम चरण में इस योजना के तहत चार सब्जियों टमाटर, प्याज, आलू और फूलगोभी के संरक्षित मूल्य तय किए गए हैं । अब तक इस योजना में 21 बागवानी फसलों को जोड़ा गया है ।

योजना अंतर्गत यदि किसानों को इन फसलों पर से मूल्य से कम मिलते हैं तो उसकी भरपाई सरकार करेगी ।

“भावान्तर भरपाई योजना” का लाभ कैसे लें ?

इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु किसान को फसल की पैदावार के दौरान मार्केटिंग बोर्ड की वेबसाइट पर बागवानी भावांतर (BBY) ई-पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवाना अनिवार्य है ।

इसके अलावा आप “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल पर भी पंजीकरण करवा सकते हैं । खरीफ सत्र 2021-22 के दौरान राज्य के 2.71 लाख किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बाजरा के लिए पंजीकरण कराया है ।

केंद्र सरकार ने बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2250 प्रति क्विंटल तय किया है ।

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